Ganpati Bappa Morya meaning in Hindi | गणपति बाप्पा मोरया का अर्थ

गणपति बप्पा मोरया" का अर्थ और इस पवित्र वाक्यांश के पीछे की समृद्ध विरासत और भक्ति के पीछे क्या रहस्य है । और जानें कि हिंदू आध्यात्मिकता में इस शक्तिशाली नारे का जाप क्यों करते हैं।

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Jyoti Kumari

9/14/20261 min read

ॐ नमो सिद्धम ।

हिंदुस्तान की मायानगरी मुंबई-महाराष्ट्र में या हिंदी फिल्मों में अक्सर अपने सुना होगा "गणपति बप्पा मोरया - पुढच्या वरसी लवकर या" इस मराठी देव वाक्यांश में "पुढच्या वरसी लवकर या" अगले साल जल्दी आना" का मतलब तो सभी मराठी जानने वालों को पता चल जाता है कि लेकिन "गणपति बप्पा मोरया" का मतलब क्या होता है? यह  हम इस लेख जानने का प्रयास करेंगे ।

गणपति बप्पा मोरया का असली मतलब  क्या  है ?

प्रस्तावना

"गणपति बप्पा मोरया" के बारे में हमने कई मराठी विद्वान लोगों से पता किया कि इसका मतलब क्या होता है तो गोल मोल उत्तर मिलता है कि किसी एक गणेश भक्त का नाम मोरया गोसावी था। उनके नाम से मोरया - मोरया बोलने की परम्परा शुरू हुई है। जिसका हमने कहानी के अंत में जिक्र किया है। कोई मोरया शब्द का अर्थ महान राजा (जैसे चंद्र गुप्त मौर्य ) के जैसा मानता है लेकिन यह कोई संतोष जनक जबाब नहीं था। कोई मोरया का अर्थ मोरा यानि कि मेरा बताता है इंटरनेट भी खंगाला पर कंही किसी छोर पर भी "गणपति बप्पा मोरया" का स्पष्ट, संतोषजनक अर्थ नहीं मिला। (अंत तक पढ़ें )

कैसे मिला "गणपति बप्पा मोरया" का सही अर्थ ?

पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार देवताओं में बहस हुई कि कौन सा देवता बड़ा है। सब अपने को बड़ा बताने लगे। विवाद बढ़ता देख नारद जी ने कहा की चलो शंकर जी के पास चलते हैं वे ही कोई समाधान बताएँगे। सब देवता लोग शंकर जी के पास चले गए। नारद जी ने समस्या बता दी। शंकर भगवान् ने कहा कि जो सबसे पहले इस ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाएगा उसे ही सर्वश्रेष्ठ देवता माना जायेगा। इतना कहना था कि सभी देवता लोग अपने-अपने वाहन पर सवार हो कर ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाने निकल पड़े। क्योंकि गणेश जी का वाहन चूहा है तो वह कैसे दूसरे देवताओं से मुकाबला कर पाता । गणेश जी ने पास खड़े अपने माता-पिता शंकर जी व पार्वती जी के चारों और चक्कर लगाया। जब तक सभी देवता चक्कर लगा कर वापस लौटे तब तक गणेश जी को वंहा पर उपस्थित पाया । तब भगवान शंकर जी ने कहा कि "एक पुत्र के लिए माता पिता का स्थान ब्रह्माण्ड से भी ऊपर होता है" । सभी देवता लोग इस बात से काफी प्रभावित हुए और शंकर भगवान ने गणेश जी को विजेता घोषित किया। तब से गणेश जी प्रथम पूज्य देव माने गए।

यंहा इस कहानी का उद्धरण इस लिए दिया गया है। कि "गणपति बप्पा मोरया" इस कहानी से किस तरह जुड़ा हुआ है। आगे पढ़ें ।

अब आपको ले चलते है देश की सांस्कृतिक राजधानी देवभूमि उत्तराखंड जहाँ गणेश जी का जन्म हुआ था । काफी शोध करने के बाद कई कहानियों के अध्ययन करने के बाद यह पता चलता है कि उत्तराखंड सहित सम्पूर्ण भारत में प्रथम पूज्य गणेश जी की प्रतिमा, घरों के मुख्य द्वार, मन्दिरों के प्रवेश द्वार तथा राजमहलों के प्रवेश द्वार के ऊपर खुदी हुई होती है । उत्तराखंड में प्रवेशद्वार को "मोहर" या मुहर  कहा जाता है। अतः गणेश जी को मोहर का भगवान यानि "प्रवेशद्वार का स्वामी" भी कहा जाता है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध एवम मुख्य लोक गायक व कवि श्री नरेंद्र सिंह जी नेगी अपने गानों में "मोरी का नारायण" (God of the Gate) यानि मोहरी का नारायण या खोली (gate) का नारायण कह कर गणेश जी का आह्वान करते हैं। या एक दूसरे गीत में "मोरी नारायण विराज मेरा गौं मा" में कहते है की मेरे गांव में हर दरवाजे (मोहर) के ऊपर गणेश जी विराजते है। 

इससे यह तथ्य सामने आ जाता है कि गणपति बप्पा मोरया में "मोरया" शब्द मोहरिया का अपभ्रंश शब्द है। तथा उत्तराखंड में गणेश जी को "मोरी का नारायण"या "खोली का गणेश" से ही सम्बोधित किया जाता है। जो की प्रसांगिक भी है। तथा दूसरी कहानी जब पार्वती जी नहा रही थी तब उन्होंने बाल गणेश जी को मुख्य द्वार पर खड़ा रहने को कहा था। संभवतया ये उत्तरकाशी का डोढ़ीताल था जंहा गणेश जी को पार्वती जी ने जन्म दिया था। इस प्रसंग में गणेश जी द्वार पर गणसा (एक प्रकार की कुल्हाड़ी) ले कर खड़े थे। तब अचानक से शिव जी कंही बाहर से आये तो गणेश जी ने उनको रोक लिया। बाल गणेश शंकर जी पर भारी पड़ने लगे, तब शंकर जी ने उनका सिर काट दिया था। अर्थात गणेश जी को पार्वती जी ने द्वार पर खड़े रहने के लिए ही पैदा किया था। तब से गणेश जी की प्रवृत्ति द्वार पर रहने की ही है। तब से गणेश जी हमारे मुख्य द्वार पर विराजमान होकर कष्टों, दुखों और नकारात्मक ऊर्जा को आने से रोकते है।  

GOD of the Gate | मोरी का नारायण 

अब अगर कोई आपसे पूछे कि "गणपति बप्पा मोरया-पुढच्या वृषी लवकर या" वाक्यांश का मतलब क्या होता है तो बता देना " प्रवेश द्वार के स्वामी गणेश जी, अगले वर्ष जल्दी आना" ।

"गणपति बप्पा मोरया" या मोरया रे, बाबा मोरया रे, भारत में गणेश चतुर्थी के त्योहार के दौरान आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला वाक्यांश है। यह भगवान गणेश को श्रद्धांजलि है, जिन्हें बाधाओं को दूर करने वाला और शुरुआत का देवता माना जाता है। गणेश चतुर्थी के दौरान, भक्त लोग भगवान गणेश के आगमन और पूजा का जश्न मनाते हुए इस वाक्यांश का जाप करते हैं। यह श्रद्धा दिखाने और देवता से आशीर्वाद लेने का एक तरीका है। गणेश चतुर्थी भारत में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है,  विशेष कर महाराष्ट्र राज्य में।

यंहा यह बताते चलें कि गणेशोत्सव अब जापान, सिंगापूर, अमेरिका सहित दुनिया के काफी देशों में धूम धाम से मनाया जाने लगा है । तथा सनातन धर्म का प्रचार प्रसार जोर शोर से होने लगा है ।

एक कहानी यह भी प्रचलित है कि मोरया शब्द चौदहवीं शताब्दी में भगवान गणेश के एक प्रसिद्ध भक्त मोरया गोसावी को संदर्भित करता है, जो मूल रूप से कर्नाटक के शालिग्राम नामक गाँव के रहने वाले थे, जहाँ उनकी भक्ति को पागलपन के रूप में देखा जाता था । बाद में उन्होंने बहुत धार्मिक यात्रायें की और पुणे के पास चिंचवाड़ नाम के गांव में बस गए और कड़ी तपस्या के साथ भगवान गणेश जी का आह्वान किया। उन्होंने श्री चिंतामणि में सिद्धि (विशेष शक्तियां और आशीर्वाद) प्राप्त की और उनके बेटे ने इस घटना को मनाने के लिए मंदिर का निर्माण किया। ऐसा कहा जाता है कि मोरया जी ने अहमदाबाद में सिद्धि विनायक और मोरेगांव में मोरेश्वर/मयूरेश्वर (मोरया +ईश्वर) में भी तपस्या की थी, जहां उन्होंने मंदिर भी बनवाया था। मोरया जी की भक्ति से अभिभूत होकर भगवान गणेश जी ने उन्हें उनकी हर इच्छा पूरी करने का आशीर्वाद दिया।

निष्कर्ष

इस उद्धवरण से ये निष्कर्ष निकलता है "शालिग्राम" गाँव जो की एक शुद्ध हिन्दू धार्मिक गाँव का नाम है। मोरया गोसावी जो कि एक हिन्दू नाम है । निश्चित ही वंहा के लोगों को तब ये पता था कि मोरया (god of gate) गणेश जी का ही नाम है तब बहुत से लोगों के नाम मोरया रहता होगा। "मोरया" नाम गणेश जी के नाम का पर्यायवाची शब्द है। आप अपने बच्चों के नाम भी मोरया रख सकते हैं।

महान मौर्य साम्राज्य के नाम में मौर्य उपनाम भी गणेश जी के नाम को ही सन्दर्भित करता है यह अभी शोध का विषय है ।

उम्मीद करते हैं कि ये यह रिसर्च लेख आपको ज्ञानप्रद लगा होगा । या आपके पास इससे जुडी जानकारी हो तो साझा करें ।

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